श्री हनुमान चालीसा आरती और रामचरितमानस आरती
श्री हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन सभी लोगो को करना चाहिए प्रतिदिन नहा धोकर अच्छे से लाल वस्त्र पहनकर एक आसनी पर बैठकर अगरबत्ती जलाकर प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पथ करना चाहिए इंका पथ करने से सारे दुःख दर्द दूर हो जाते है और हर शनिवार और मंगलवार को इनका दर्शन जरुर करना चाहिए | दोहा : श्री हनुमान चालीसा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई : श्री हनुमान चालीसा जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।। कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा।। हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। कांधे मूंज जनेऊ साजै। संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बन्दन।। विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।। प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।। सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।। भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद...